Thursday, 28 July 2011

Manglik


अरहंता मंगलं -अरिहंत प्रभु मंगल हैं ।
सिद्धा मंगलं - सिद्ध प्रभु मंगल हैं ।
साहू मंगलं - साधू जीवन मंगल है ।
केवली पण्णतं धम्मं मंगलं -
केवली प्रणीत धर्म मंगल है ।
अरहंता लोगुत्तमा - अरिहंत प्रभु लोक
मे उत्तम हैं ।
सिद्धा लोगुत्तमा - सिद्ध प्रभु लोक
मे उत्तम हैं ।
साहू लोगुत्तमा - साधू जीवन लोक मे
उत्तम है ।
केवली पण्णत्तो धम्मो लोगुत्तमो -
केवली प्रणीत धर्म लोक मे उत्तम है ।
अरहंते सरणं पवज्जामि - अरिहंत प्रभु
की शरण मे जाता हूं ।
सिद्धे सरणं पवज्जामि - सिद्ध प्रभु
की शरण मे जाता हूं ।
साहू सरणं पवज्जामि - साधू जीवन
की शरण मे जाता हूं ।
केवली पण्णत्तं धम्मं सरणं पवज्जामि -
केवली प्रणीत धर्म की शरण मे जाता हूं ।
Char Sarna Char mangal Aur na sar nu koi Jo
Bhavya Prani kare aradhan akshay avichal
paad hoy.

No comments:

Post a Comment

SONA Ro BAJOTIO

सोना रो बाजोटियो ने, मोतीडा सु मढीयो, थे तो हो त्रिशला रा जाया, ओ महावीरजी थोने पालणीये पोढावुं,  पालणीये पोढावु, ओ थोने हालरीये हुलरावं, सि...