Sunday, 5 September 2021

SONA Ro BAJOTIO

सोना रो बाजोटियो ने, मोतीडा सु मढीयो,

थे तो हो त्रिशला रा जाया, ओ महावीरजी थोने पालणीये पोढावुं, 
पालणीये पोढावु, ओ थोने हालरीये हुलरावं, सिद्धारथ सरीखा थोरा बाबा, ओ महावीरजी, ॥ थोने ॥

 झबला टोपी ओ थोरा, मामा-मामी लावे घुंघरू री रणकारे थांने रमावु, ओ महावीरजी, ॥थोने ॥

 पाँच वरसे ओ थाने, निशाळे पण मेलु 
भणेने मोटा हुआ ओ महावीरजी, ॥ थोने ॥ 
घणी रे हंशे रे थोरा लग्न लिखाबु 
ढोलो रे घमेडे परणावं ओ महावीरजी, ॥थोने ॥

TRISHLA MAA THARO LAL

,
TRISHLA MAA THARO LAL KATHE (2)
MAYAD THARO WO LAL KATHE
WO JAIN DHARM RI BHAL KATHE

DUNIYA MAIN BAD GAYO PAAP GHANO (2)
WO VARDHMAN MAHAVIR KATHE
TRISHLA MAA THARO LAL KATHE……..

DHARTI ROH PAAP MITAVANNEH..(2)
AB PADI JARURAT THARI HAIN
HO RAHYO HAIN ATYACHAR GHANO..(2)
JAALIM NEH BAAJI MARI HAIN
JO JULM KARE SAREAAM PHIREH…(2)
INSAN NEH HIMMAT HARI HAIN
KALYUG RI KALI CHAYA MAIN
MAHAVIR AVATAR JARURI HAIN…(2)
CHANDANBALA NEH TARANIYO
WO TARUN TAPASWI NATH KATHE
TRISHLA MAA THARO LAL KATHE……..    

TUKADO MAIN DHARM NEH BAAT LIYO…(2)
BATWARO KAR DYO INSAAN NEH
JIYO JINODO BHUL GAYA..(2)
AUR APNAWEHE HAIN HINSA NEH
AB PAAP RAH SIKKA CHAAL RAHYA..(2)
AUR SAJJAN KHALI HATH FHARE..
AB JHUT TOH PAG PAG PATH CHALE
AUR SACHHAI SAREAAM MARE
OO SACHI PREET NIBHAVANIYO
WO SHANT SARAL BALWAAN KATHE
TRISHLA MAA THARO LAL KATHE (2)…..

DHAN DAULAT ROH HAIN KHEL ATHE..(2)
SWARAT RI DUNIYADAARI HAIN
BHAI NEH BHAI MAAR DEVE..(2)
MATLAB RE RISHTEHDAARI HAIN
KIS KIS KO DOSH BATAU MAIN…(2)
KHUD MAN KI MATI AB MAARI HAIN
MAA BAAP NEH SAMJE KONI ATE
AUR MAMTA THOKAR KHA RAHI HAIN
WO KANDEH TIRTH KARAVANIYO
WO SHRAVAN JEDI SANTAN KATHE
TRISHLA MAA THARO LAL KATHE (2)
 
ATHE VISHA HOTHA PAR BARAS RAHIYO…(2)
AUR VAANI MAIN MITHAS KATHE
SAB AHENKAR SU BHARHA PADYA…(2)
AUR GUN MAIN JIVAN RAAS KATHE
BAIMAN NEH SAB KUCH MIL JAAVE…(2)
AUR SAAHUKAR NEH SAAS KATHE
GHAR GHAR MIL JAAYE GURU ATHE
PAR MAHAVIR JEDHO GYAN KATHE
JAAGO JIN BHAKTO AB SUN LOH…(2)
JAAGAN NOH SAMAY HAIN AAJ ATHE

TRISHLA MAA THARO LAL KATHE (2)
MAYAD THARO WO LAL KATHE
WO JAIN DHARM RI BHAL KATHE


MEETHA MEETHA BOL

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े

वीर वीर बोल तेरा क्या बिगड़े,

इस संसार में दम नहीं कब निकले जान मालूम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े


सोच समज ले स्वार्थ का संसार,

लाख यत्न कर छूटे न घर बार,

तू जान ले,  पहचान ले,

संसार किसी का घर नहीं कब निकले दम मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े


प्रभु वर तो कहते है, बाराम बार,

तप सयम  ही जीवन का आधार,

तू जान ले ,पेहचाहन ने ,संसार किसी का घर नहीं कब निकले जान मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े

जिनवर की महिमा है अप्रम पार,

डूभ ती नैया करदो रे भव पार,

तू जान ले पेहचाहन ने संसार किसी का घर नहीं कब निकले जान मालुम नहीं,

मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े

जिनवर तरु शासन आ जग jinvar taru shasan

जिनवर तारु शासन आ जगमा छे महान,

ऐना आधार मारे तरवो संसार।

मने ऐ ज तारशे, भवपार उतारशे,

मझधारमा नैया, कांठे पहोचाडशे,

एवी मुजने श्रद्धा छे,साचे साची श्रद्धा छे,

दृढ मुजने श्रद्धा छे ,पाके पाये श्रद्धा छे

नश्वर संबंधो ज्यारे साथ छोडशे,

त्यारे निश्चय ए मारो हाथ पकडशे,

समजण देशे,सांत्वना देशे,शक्ति पण देशे,

भूलो जो पडीश मुजने मार्ग ए देखाडशे,

ढीलो जो पडीश मारू सत्व ए वधारशे। 

जिनवर तारु शासन आ जगमा छे महान,

ऐना आधार मारे तरवो संसार।

मुंझवण थशे तो मार्गदर्शन आपशे,

अवढवमा साची मने समजण आपशे,

मोक्ष मार्गनु एकांते आकर्षण आपशे,

पुरुषार्थ करशे एने आधार आपशे,

समर्पित थयेलानु ध्यान सदा राखशे।

जिनवर तारु शासन आ जगमा छे महान,

ऐना आधार मारे तरवो संसार।

अज्ञान अंधकार ने दूर करशे,

ज्ञानना अजवाळा जरूर ए करशे,

सत्य देशे,तत्व देशे,मिथ्यात्व हरशे,

अशुद्ध एवा आत्मा शुद्ध ए बनावशे,

साधना करावी अंते सिद्ध पण बनावशे।

जिनवर तारु शासन आ जगमा छे महान,

ऐना आधार मारे तरवो संसार।

शासन एकांते सहुने सुखदायी छे ,

शासनथी विपरित बधु दुःखदायी छे ,

जिनशासननी प्रत्येक आज्ञा शिवदायी छे 

आज्ञा जे पाळशे ते शिवसुख पामशे,

शरणे जशे जे एना भवदुःख भांगशे।

जिनवर तारु शासन आ जगमा छे महान,

ऐना आधार मारे तरवो संसार।

Saturday, 4 September 2021

MERE MANN ME PARASNATH

 मेरे मन मे पारसनाथ, तेरे मन में पारसनाथ-2
रोम रोम में समाया पारसनाथ रे,-2
मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे-2
मेरे मन में पारसनाथ....

जैसे फूलों में सुगन्ध-2
जैसे कलियों में है रंग-2
पत्ते पत्ते में  हैं समाया पारसनाथ रे-2 k
मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे-2
मेरे मन में पारसनाथ....

जैसे नदियों में है गंगा-2
जैसे नभ में चमके चंदा-2
कतरे कतरे में है बहता पारसनाथ रे-2
मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे-2
मेरे मन में पारसनाथ....

जैसे शिपो में है मोती 2
जैसे दीपक की है ज्योति 2
जरे जरे में समाया पारसनाथ रे 
मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे-2
मेरे मन में पारसनाथ....

तेरा शंखेश्वर में धाम-2,
तेरा नागेश्वर में धाम-2,
तेरा जीरावला में धाम-2,
तेरा लोदरवा में धाम-2,
तेरा नेरुल नगर में धाम-2
जैसे नाकोड़ा बिराजे पारसनाथ रे-2
मेरी साँसों में समाया पारसनाथ रे-2
मेरे मन में पारसनाथ.....

*जय नाकोड़ा नाथ*

MAYA RO MANIYO

माला रो मणियो,
भजन वाली डोरी।
आच्या घरा में पोयो जमारो,
माया जाल में खोयो।

सत रे संगत में कदी नी आयो,
  प्रभु भजन में कदी नी आयो।
ऊपर वाड़ी जोयो जमारो,
माया जाल में खोयो।
माला रो।

अळीये गळीये फिरे भटकतो,
अळीये गळीये फिरे भटकतो।
मुंडो काच में जोयो जमारो,
माया जाल में खोयो।
माला रो।

गई रे जवानी आयो बुढ़ापो,
गई रे जवानी आयो बुढ़ापो।
धोळा देख ने रोयो जमारो,
माया जाल में खोयो।

मननो मोरलियो MANNO MORALIO RATE TARU NAM



मननो मोरलियो रटे थारो नाम,
मारी झोपडिये आवो मारा नाथ,
एक वार आवो दादा पुरा होवे काज,
मारी झोपडिये आवो मारा नाथ....

दर्शन बिन मारे मन नही लागे,
अंखियाने दादा मारी निंद नहि आवे,
नहिरे आवो तो दादा, जावे मारा प्राण,
मारी झोपडिये.........

मारी नावडली रा खेवनहारा,
थारे बिना नहि कोई सहारा,
मारी किस्तीने पार लगावो दादा आप
मारी झोपडिये........

दुःखडा तो मारा दादा किनने सुनाउ
शिवपुररा राजा थे हो, थो ने ही ध्याउ
थारी महिमारा मै तो, गुण गाउ आज,
मारी झोपडिये.......

तमे मन मुकीने वरस्या



तमे मन मुकीने वरस्या, अमे जनम जनम ना तरस्या
तमे मूशलधारे वरस्या, अमे जनम जनम ना तरस्या
हजार हाथे तमे दीधु पण झोली अमारी खाली
ज्ञान खजानो तमे लूटायो, तोये अम अज्ञानी
तमे अमृतरूपे वरस्या, अमे झेरना घुटडा पीरस्या
स्नेहनी गंगा तमे वहावी जीवन निर्मल करवा
प्रेमनी ज्योति तमे जगावी आतम उज्जवल करवा
तमे सूरज थईन चमक्या, अमे अंधार मां भटक्या
शब्दे शब्दे शाता आपे, ओवी तमारी वाणी
ए वाणीनी पावनताने, अमे कदी ना पिछानी
तमे महेरामण थई आव्या, अमे काठे आवी अटक्या

HELO MHARO SAMBHALO SETRUNJAI


शेत्रुजय समरं सदा सोरठ देश मोजार
मनुष्य जन्म पामी करुं वंदन वारंवार"

हेलो मारो सांभळो शेत्रुनजयना राजा
नाभिराजाना बेटडा ने मरुदेवीना नंद
मारो हेलो सांभळो... हो...

हुकम करो तो दादा तारी जात्राए आQ
भवोभवना कर्म खपावी मोक्षे चाल्या जावू
मारो हेलो सांभळो... हो..

ऊंचा ऊंचा डुंगराने वसमी छे वाट
हुँ केम करीने आq दादा पकडो मारो हाथ
मारो हेलो सांभळो... हो..

नर अने नारी तारी जात्राए आवे
चरण-करण तारा सेवीने भवसागर तरी जावे
मारो हेलो सांभळो... हो..

आदेश्वर दादानी अद्भूत लीला न्यारी
आ सेवकनो हाथ पकडी लई ल्यो तमे उगारी
मारो हेलो सांभळो... हो..

हे मारवाडी वाणियो जात्राए आवे
धन बधुं भेगुं करेलुं साथे ते लई आवे
मारो हेलो सांभळो... हो..

TARE DWARE AAVINE KOI KHALI HATH


तारे द्वारे आवी ने कोई खाली हाथे जाय ना
करुना निधान करुना निधान।।धृ।।

आ दुनियामा कोई नथी रे तुझ सरीखो दातार।
अपरम्पार दया छे थारी थारा हात हजार।
तारी ज्योती पामिने कोई अंधार अट्वायाना।।१।।

शरणे आवेलानो साचो तू छे राखनहार
डगमगती जीवन नैया नो तू छे तारणहार
तारे पंथे हजारो कधिये भवभ्रमना अट्वायना।।२।।

खुटे नहीं कदापी एवो थारो प्रेम खजानों
मुक्ती नो मार्ग बतलावे एवो थारो पंथ मजानो
थारे शरणे जे कोई आवे रंग पर रही जाय ना।।३।।

SONA Ro BAJOTIO

सोना रो बाजोटियो ने, मोतीडा सु मढीयो, थे तो हो त्रिशला रा जाया, ओ महावीरजी थोने पालणीये पोढावुं,  पालणीये पोढावु, ओ थोने हालरीये हुलरावं, सि...