शेत्रुजय समरं सदा सोरठ देश मोजार
मनुष्य जन्म पामी करुं वंदन वारंवार"
हेलो मारो सांभळो शेत्रुनजयना राजा
नाभिराजाना बेटडा ने मरुदेवीना नंद
मारो हेलो सांभळो... हो...
हुकम करो तो दादा तारी जात्राए आQ
भवोभवना कर्म खपावी मोक्षे चाल्या जावू
मारो हेलो सांभळो... हो..
ऊंचा ऊंचा डुंगराने वसमी छे वाट
हुँ केम करीने आq दादा पकडो मारो हाथ
मारो हेलो सांभळो... हो..
नर अने नारी तारी जात्राए आवे
चरण-करण तारा सेवीने भवसागर तरी जावे
मारो हेलो सांभळो... हो..
आदेश्वर दादानी अद्भूत लीला न्यारी
आ सेवकनो हाथ पकडी लई ल्यो तमे उगारी
मारो हेलो सांभळो... हो..
हे मारवाडी वाणियो जात्राए आवे
धन बधुं भेगुं करेलुं साथे ते लई आवे
मारो हेलो सांभळो... हो..
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